पाठ -3

            पक्षी और दीमक 

പദപരിചയം 

हरगिज़ = ഒരിക്കലും

हाती = കീഴടിക്കവയ്ക്കാവുന്ന

 बुर्ज  =  ഗോപുരം

संतुलन = സന്തുലനം 

 हॉफना = കിതയ്ക്കുക

जमा करना = ശേഖരിക്കുക 

 बदला = പകരം

घटपटाना = സ്തംഭിച്ചു നിൽക്കുക

लकीर = വര 

 दीमक = ചിതൽ 

 आसमान =ആകാശം 

ऊँचाई =ഉയരം 

 निगाह = ദ്രിഷ്ട്ടി 

तेज़ = ശക്തം 

भनक = മന്ദധ്വനി 

 महक = സുഗന്ധം 

 नौजवान = യുവാവ് 

 ज़मीन = തറ 

 बैल गाडी  = കാളവണ്ടി 

बोरा = ചാക്ക് 

 चिल्लाना = ഉറക്കെ 

 पंख  = പക്ഷി 

शौक = ചിറക് 

 पंछी = താല്പര്യം 

 कीडे = കീടങ്ങൾ 

 फिजूल = വ്യർഥം

 तैरना = നീന്തുക 

പാഠപുസ്തകത്തിലെ പ്രവർത്തങ്ങൾ 

1. पक्षी अपना पंख देकर दीमक लेता है । यहाँ पक्षी का कौन - सा मनोभाव प्रकट होता है ? 

ഉത്തരം 

नौजवान पक्षी को अपने भविष्य और अस्तित्व के संबंध में कोई चिंता नहीं है । बिना मेहनत से आसानी से मिलनेवाले भोजन से संतुष्ट होने का आलसी मनोभाव भी प्रकट होता है 

 2. दीमकें हमारा स्वाभाविक भोजन नहीं है और उनके लिए अपना पंख तो हरगिज़ नहीं दिया जा सकते । ' इस कथन के आधार पर वर्तमान संस्कृति का विश्लेषण करें 

ഉത്തരം 

।व्यापारी के प्रलोभन में फँसकर नौजवान पक्षी अपना पंख देकर दीमकें खरीदकर खाता है । पक्षी के पिता ने चेतावनी दी कि दीमकें हमारा स्वाभाविक भोजन नहीं है । लेकिन नौजवान पक्षी ने पिता की बातें न मानी । युवा पीढी इसप्रकार है । बूढों की बातें वे न मानती हैं । वे अपनी इच्छा के अनुसार आगे बढ़ते हैं । अंत में वे शारीरिक , मानसिक तथा आर्थिक रूप से हार हो जाते हैं । और अपनी गलती पहचान लेते हैं ।

3-पक्षी को बेवकूफ कहने के संबंध में आपकी राय क्या है ?

ഉത്തരം 

पक्षी सचमुच बेवकूफ है । अपना पंख देकर बदले में दीमकें लेकर खाना मुर्खता ही है । हवा में उडने और शरीर का संतुलन साधू करने में पक्षी को पंख की ज़रूरत है । यह भूलकर काम किए बिना भोजन मिलने केलिए पक्षी अपना पंख छोड़ देता है । आज का युव पीढी भी ऐसी है । भविष्य के बारे में सोचे बिना अपनी खुशी केलिए वे सबकुछ करते है । 

4-आज के ज़माने में ' पक्षी और दीमक ' कहानी की प्रासंगिकता कहाँ तक है ? चर्चा करके टिप्पणी लिखें 

ഉത്തരം 

 प्रलोभनों में फँसे युवा पीढी 

मुक्तिबोध की कहानी है ' पक्षी और दीमक ' । इसमें एक नौजवान पक्षी अपना पंन देकर गाड़ीवाले से दीमकें खरीदकर खाता है । आसानी से मिले भोजन के बारे में उसके पिता ने चेतावनी दी थी । लेकिन पक्षी उपदेश को नकारता है । अंत में पंख नष्ट होने घर वह विवश होता है । अपनी उड़ने की शक्ति नष्ट होने पर पक्षी बड़ी मेहनत करके दीमकों को इकट्ठा करके उसके बदले व्यापारी से पंख वापस पाने का प्रयास करता है लेकिन वह धोखा खाता है । अंत में एक बिल्ली ने उसे खा लिया । वर्तमान वास्तविकता ऐसी ही है । कोपरेट हमें लूट रहे हैं । विज्ञापन के ज़रिए हमें प्रलोभन में फँसाते हैं । शोषण के इस ज़माने ने यह कहानी बिलकुल प्रासंगिक है । 

 5. पक्षी की चरित्रगत विशेषताओं का विश्लेषण करें । टिप्पणी लिखें

ഉത്തരം 

 पक्षी : आधुनिक नौजवान की प्रतिनिधि 

पक्षी वर्तमान समाज के नौजवान की प्रतिनिधि है । उसको अपने भविष्य और अस्तित्व के बारे में कोई चिंता नहीं । दूसरों के प्रलोभन में फँसकर आज केलिए जीता है । वह स्वभाव से बडी आलसी है । बिना मेहनत से आसानी से मिलनेवाले भोजन से संतुष्ट होने का स्वभाव उसमें हैं । वह प्रलोभन के चंगुल में फँसनेवाला वर्तमान समाज का प्रतीक है । सच में पक्षी एक बेवकूफ है।इसलिए अपना अस्तित्व के बारे में न सोचकर गाडीवाले के प्रलोभन में फँस जाता है । अंत में शोषण का शिकार बनकर उसकी मृत्यु भी हो जाती है ।